होशियार, खबरदार अब हम भी ब्लागवाणी परिवार में शामिल हो गये हैं, निरन्तर प्रयास और दोस्तों की दुआओं से मुझे यह कामयाबी मिली, मैं ब्लागवाणी के साथ अपने उन चंद दोस्तों का भी शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मेरा हौसला बनाए रखा, इसी बहाने ब्लागजगत ने अपनी देसी कहवातों में एक को सच होते देखा कि 'निरन्तर प्रयास से रखो सफलता की आस', शेष फिर कभी