अकबर खान राणा जी, हमेशा कुछ अच्छा करने की सोचते रहते हैं, करते रहते हैं, ऐसे ही एक सिलसिले की शुरूआत के लिये आप अपने दोस्तों विपिन चौधरी जी, प्रवीण शुक्ला जी और विनोद कुमार पांडेय जी के साथ कैराना आये, खान साहब मेरे कैराना ब्लाग और वेबसाइट के कारण पहले से परिचित थे, बकोल उनके वह मेरे कारण ही इधर आये हैं (धन्यवाद), सभी से बहुत सी बातें हुई, घूमना फिरना हुआ और आगे के लिये कुछ प्रोग्राम बने उसी दौरान कुछ अपने मोबाईल से फोटू ले लिये जो प्रस्तुत है, ऐसे महान विचारों के महनती दोस्तों का कैराना आना हमारे लिये बहुत बडी बात है, इसी जज्बे व खुशी में एक दो चित्र दे रहा हूँ , इससे अधिक तो शायद 'सीधी चोट' के प्रवीण शुक्ला जी लिखेंगे!बायें सेः सलीम अखतर, विनोद जी, अकबर खान, कैरानवी, प्रवीण शुक्ला, विपिन चौधरी साहिबा, सुनिल कुमार साहब साथ में रियासत अली 'ताबिश' जी
बायें सेः नाम याद नहीं, विनोद कुमार पांडेय ,विनोद जी, अकबर खान जी, प्रवीण शुक्ला, विपिन चौधरी साहिबा, सुनिल कुमार साहब साथ में रियासत अली 'ताबिश' जी
दो धर्मों के प्रतीक पेडों (खजूर और पीपल) को एकसाथ देखकर एक चित्र उनके साथ